संदेश

भगवद्गीता अध्याय 5 (11-20): समदर्शिता और अज्ञान से मुक्ति का मार्ग

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 5 (1-10): कर्मयोग और संन्यास की एकता का रहस्य

भगवद्गीता अध्याय 4 (31-42): ज्ञान की तलवार से संशय का नाश