श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 3 (श्लोक 31-43): काम रूपी शत्रु का नाश और स्वधर्म की श्रेष्ठता अध्यात्म कर्मयोग (Karma Yoga) भगवद्गीता (Bhagavad Gita) श्रीकृष्ण-संवाद +