महाभारत: कैसे 12 फीट से घटकर 5.5 फीट रह गई इंसान की लंबाई? जानें वैज्ञानिक और पौराणिक सच











क्या आपने कभी सोचा है कि महाभारत के युद्ध में इस्तेमाल होने वाले विशाल रथ, भारी-भरकम गदा और धनुष आज के इंसान क्यों नहीं उठा पाते? अक्सर यह सवाल मन में आता है कि क्या भीम, अर्जुन और श्री कृष्ण की लंबाई वाकई हमसे दोगुनी थी? आज के इस ब्लॉग में हम द्वापर युग से कलियुग तक इंसान के कद में आए इस भारी बदलाव के पीछे के रहस्यों को उजागर करेंगे।



पौराणिक संदर्भ: युगों का गिरता स्तर (The Cycle of Yugas)

हिंदू धर्मग्रंथों और पुराणों के अनुसार, समय चार युगों में विभाजित है। जैसे-जैसे धर्म और नैतिकता का ह्रास होता है, प्रकृति और मानव शरीर की शक्ति भी घटती जाती है।

  • सत्ययुग: माना जाता है कि इस युग में मनुष्य की लंबाई लगभग 32 फीट (21 हाथ) होती थी।

  • त्रेतायुग: भगवान राम के समय में इंसान का कद घटकर 21 फीट (14 हाथ) रह गया।

  • द्वापर युग (महाभारत काल): इस समय औसत लंबाई 11 से 12 फीट (7 हाथ) के करीब थी।

  • कलियुग: वर्तमान युग में इंसान की औसत लंबाई महज 5 से 6 फीट (3.5 हाथ) रह गई है।

SEO Key Point: शास्त्रों के अनुसार, द्वापर युग में मनुष्य आज के मुकाबले कहीं अधिक दिव्य और ऊर्जावान थे, जिसका सीधा असर उनकी शारीरिक बनावट पर पड़ता था।


महाभारत के योद्धाओं की लंबाई का अनुमान

इतिहासकारों और शोधकर्ताओं ने प्राचीन अवशेषों और वर्णन के आधार पर कुछ अनुमान लगाए हैं:

  1. भीम: इन्हें पांडवों में सबसे विशाल माना जाता था, इनकी लंबाई संभवतः 12-15 फीट के बीच रही होगी।

  2. श्री कृष्ण: शास्त्रों में उन्हें 'मध्यम' कद का लेकिन अत्यंत आकर्षक बताया गया है, जो उस समय के अनुसार 8-9 फीट रहा होगा।

  3. कर्ण और अर्जुन: ये भी 10 से 11 फीट की कद-काठी के योद्धा माने जाते थे।


वैज्ञानिक तर्क: लंबाई घटने के पीछे के कारण

अगर हम इसे विज्ञान की दृष्टि से देखें, तो Evolution (क्रमविकास) और पर्यावरण में बदलाव इसके मुख्य कारण हो सकते हैं:

  1. ऑक्सीजन का स्तर: प्राचीन काल में पृथ्वी पर ऑक्सीजन की मात्रा अधिक थी। अधिक ऑक्सीजन का मतलब है—बेहतर कोशिका विकास और विशाल शरीर (जैसा कि डायनासोर के समय में था)।

  2. प्राकृतिक खान-पान: द्वापर युग में भोजन शुद्ध और रसायनों से मुक्त था। सात्विक आहार और कठोर परिश्रम ने उस समय के लोगों को असाधारण शक्ति दी।

  3. गुरुत्वाकर्षण और वातावरण: कई शोधकर्ता मानते हैं कि हजारों सालों में पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र और वायुमंडल में हुए बदलावों ने मानव डीएनए को संकुचित कर दिया है।


पुरातत्व विभाग (Archaeology) के संकेत

हस्तिनापुर और कुरुक्षेत्र के पास खुदाई में अक्सर ऐसे विशाल अस्त्र-शस्त्र मिलते हैं, जिनका वजन 100 किलो से भी अधिक होता है। आज के 5.5 फीट के इंसान के लिए इन हथियारों से लड़ना असंभव है। यह इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि उन्हें चलाने वाले योद्धा निश्चित रूप से विशालकाय (Giants) थे।

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