भगवद्गीता अध्याय 2 (41-50): कर्मण्यवाधिकारस्ते—कर्म और योग का अद्भुत विज्ञान कर्मयोग निष्काम-कर्म भगवद्गीता योगः-कर्मसु-कौशलम् श्रीकृष्ण सफलता-का-मंत्र +